दिल में दफ़न दुवाओं के मकबरे हैं ,
यार था प्यारा बहुत अब अकेले हैं,
दिल में था प्यार बहुत अब भी चुप हैं,
दो लफ्ज न कह सके अफ़सोस अब है,
अब भी दुवाएं बहते पानी जैसी हैं,
बहारों में फूलों की खुशबु अब भी हैं,
पंछी मचला बेताब उड़ने को अब भी है,
यार प्यार करता तो अब भी है,
इंतजार पे इंतजार उस मन में अब भी है,
डरता हो तू कहता प्यार अब भी है,
खोल दे मन की गांठे यार से बन्दे कहदे ,
मेरा दिल तेरे प्यार से सरोबर अब भी है.
"फतन"
यार था प्यारा बहुत अब अकेले हैं,
दिल में था प्यार बहुत अब भी चुप हैं,
दो लफ्ज न कह सके अफ़सोस अब है,
अब भी दुवाएं बहते पानी जैसी हैं,
बहारों में फूलों की खुशबु अब भी हैं,
पंछी मचला बेताब उड़ने को अब भी है,
यार प्यार करता तो अब भी है,
इंतजार पे इंतजार उस मन में अब भी है,
डरता हो तू कहता प्यार अब भी है,
खोल दे मन की गांठे यार से बन्दे कहदे ,
मेरा दिल तेरे प्यार से सरोबर अब भी है.
"फतन"